मौसी की बेटी को चोदना सिखाया | तीर निशाने पे जा के ही लगा || Sex Story in Hindi

हेल्लो, आप सब को संदीप का नमस्कार sex story in hindi मैं आज आप लोगो को मेरी मौसी की बेटी अंजली को चोदना सिखाया उसकी कहानी कहने जा रहा हूँ. चोदना मेरे लिए तो बाएं हाथ का खेल था लेकिन अंजलि अभी इन सब बातों से अनजान थी.

उसकी उम्र कुछ 19 की हो चली हैं लेकिन घर के स्ट्रिक्ट लोगो की वजह से बेचारी को चोदना नसीब नहीं हुआ था. अंजली को गाने सुनने का बहुत सौख हैं और वो अपने आईपोड के टुट्टे कानो में लगाये रहती हैं. उसका फिगर 32- 30- 32 जैसा ही होगा. यह बात तब की हैं जब वो पहली बार गर्मी की छुट्टियों में मेरे घर आई थी. मेरे कोलेज के भी तब एक्जाम ख़तम हो चुके थे और मैंने भी बेला था. अंजली वेकेशन के लिए मेरे बड़े मामा कौशिक के यहाँ जाती हैं लेकिन इस बार मामा मामी गोवा गए थे इसलिए वो हमारे यहाँ आई थी. मेरी मोम एक ऑफिस में काम करती थी और डेड का अपना खुद का बिजनेश हैं. दोपहर के वक्त तो घर में मेरे अलावा कोई और नहीं होता था. अंजली के आने के बाद मोम ने पहले तो तिन दिन की छुट्टी ली थी, लेकिन बाद में उसे छुट्टी नहीं मिली. अंजली ने मोम को कहा आंटी टेंशन ना लो मेरा, मैं संदीप के साथ रहूंगी, वैसे भी उसका लेपटोप हैं तो मेरा टाइम पास हो जाएगा. उसे तब थोड़ी पता था की मैं कितने दिनों से भूखे कुत्ते की तरह उसकी चूत के जुगाड़ में लगा था. अब मुझे मेरा चोदना ओपरेशन कामयाब होता दिख रहा था. मोम के जाते ही मैंने लेपटोप के डेस्कटॉप पे ब्ल्यू फिल्म्स की शोर्ट कट डाल के उन्हें हॉट मूवी से रिनेम कर दिया.

Sex Story in Hindi
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मौसी की बेटी को चोदना सिखाया | तीर निशाने पे जा के ही लगा

अंजली दोपहर को जब मेरे रूम में आई तो मैंने लेपटोप उसे दिया और मैं बहाना बता के रूम के बाहर चला गया. जब की मैं बाहर ही छिपा हुआ था और अंदर चुपके से झाँक रहा था. अंजली ने इधर उधर देखा और लेपटोप का वोल्यूम स्लो कर के मूवी ओन की. उसमे एक गोरी लड़की का बैल जैसे काले लंड से चोदना बताया गया था. चोदने का सिन देख के अंजली भी गर्म हुई ही होगी क्यूंकि इसमें फॉरप्ले कुछ ठा ही नहीं सीधा चोदना और चुसना ही चालू होता था. जैसे ही उसने मूवी एकाद मिनिट देखि मैं फट से की-होल से उठ के अंदर आ गया. अंजली के हाथ में लेपटोप और लेपटोप पे चुदाई का कार्यक्रम. वोह चौंक सी गई और मुझे देखने लगी. मैंने उसे कहा, बड़े मजे ले रही हो अंजली मैं तो समझता था की तुम अभी छोटी हो. अंजली के पास देने के लिए कोई जवाब नहीं था क्यूंकि वो रंगे हाथ पकड़ ली गई थी. मैंने उसे कहा, चलो आज साथ बैठ के देखते हैं. मैंने उसके चाहने ना चाहने की परवाह किये बिना उसकी बगल में बैठ गया और दरवाजे को लात से बंध कर दिया. उसकी सेक्सी जांघे मुझे छू रही थी. उसकी साँसे फूली हुई थी और वो बहुत डरी हुई थी. मैंने उसके गले में हाथ डाल के उसे कहा, घबराओ मत अंजली तुम अभी छोटी बच्ची नहीं हो. तुम एक एडल्ट लड़की हो और हम दोस्त हैं, समझी. उसकी हिम्मत मेरे ऐसा कहने खुली और वो मजे से मूवी देखने लगी. काले का चोदना तो चालू ही था, उसने कभी चूत को चोदा तो कभी गांड में डंडा किया. अंजली चुपके से मेरी तरफ देख लेती थी. मैं कब से उसके यह नखरे देख रहा था. मैंने पलट के उसके होंठो पे चुम्मा दे दिया. वो सहम सी गई. मैं रुका नहीं और उसकी टी-शर्ट पकड़ के उठाने लगा. वो बोली, संदीप कोई आ जाएगा.

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अंजली की चूत में पेला मेरा केला | Sex Story in Hindi

मैंने उसे कहा अंजली अभी कोई नहीं आएगा घबराओ नहीं. शाम तक मोम डेड में से कोई नहीं आएगा और अगर आ भी गए तो घर अंदर से बंध हैं. मैंने फट से उसकी टी-शर्ट और अंदर पहनी हुई ब्रा निकाल दी. अंजली की बगल के बाल बहुत बड़े हो गए थे. वो उन्हें नियमित काटती नहीं होगी. बगल के बाल देख के मुझे निचे का आलम पता चल ही गया था. और जब मैंने उसके जांघो तक की बरमूडा और अंदर पहनी हुई पिंक पेंटी को उतारा तो मेरा शक 100% सही था, उसकी चूत पे तो कबूतर का घोंसला बना था. मैंने उसकी चूत के छेद को ढूंढते हुए उस पे ऊँगली फेरी और अंजली से कहा, अंजली आज मैं तुम्हे चोदना सिखाऊंगा. मैंने उसकी चूत में हलके हलके ऊँगली डाल के उसको मस्त चिकना कर दिया और उसमे से जब बहुत सारा चिकना रस निकल आया तो मैंने अंजली की टांगो को फैला के उसकी चूत में अपनी जबान डाल दी. मैंने अंदर तक जबान डाल के उसकी चूत को खूब चाटा. अंजली की गुलाबी चूत मेरे चाटने से लाल लाल हो गई थी.

मैंने अब अपने लंड को हाथ में ले के उसके उपर बहुत सारा थूंक ;लगा दिया. चिकनाहट काफी थी, अब मैंने धीरे से लंड के सुपाड़े को अंजली की चूत में दिया और औ आऊऊऊओइम्मम्मम ओह ओह ओह अंजली तो जैसे की मरी जा रही थी. लेकिन मैं एक पल के लिए भी रुका नहीं और उसकी चूत में धीरे धीरे कर के पूरा के पूरा लंड दे दिया. अंजली पहले तो चीखने ही लगी थी लेकिन बाद में उसे भी मजा आने लगा और उसकी चीखें मोनिंग में बदल गई. अंजली को चोदना सच में एक सुखद अनुभव था क्यूंकि उसकी मस्त कोमल वर्जिन चूत में मेरा लौड़ा मस्त टाईट हो जाता था और बड़ा ही मजा आता था. मैंने उसकी कमर को पकड़ के उसे खूब चोदा और सारा के सारा वीर्य भी उसकी चूत में डाल दिया. फिर हम लोग साथ में ही बाथरूम गए और शावर लिया. अंजली मेरे लिए मेगी बना के ले आई और हमने नंगे बैठ के ही मेगी भी खाई. इस दिन के बाद तो अंजली मेरे लंड की गुलाम हो गई. मैंने ना सिर्फ उसे चोदना सिखाया बल्कि गांड में लेना भी सिखाया था. कहानी को फेसबुक पे शेयर करना ना भूलें…!

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